संस्कृत-शब्दकोशः

रस रसना

रसन

रसनम् [रस्+ल्युट्]


1. क्रन्दन करना, चिल्लाना, चिंघाड़ना, शोर मचाना, टनटन करना, कोलाहल करना
2. बादलों की गड़गड़ाहट, बादलों की गरज
3. स्वाद, रस
4. स्वाद लेने की इन्द्रिय, जिह्वा –इन्द्रियं रसग्राहकं रसनं जिह्वाग्रवर्ति –तर्क०, भग० १५।९
5. प्रत्यक्षीकरण, गुणागुणविवेचन, ज्ञान –सर्वेऽपि रसनाद्रसा: –सा० द० २४४ ।



Correction: