संस्कृत-शब्दकोशः

रसन रसवत्

रसना

रसना [अश्+युच्, रशादेशः]


1. रस्सी, डोरी
2. रास, लगाम
3. कटिबंध, कमरबंद, स्त्रियों की करधनी–रसतु रसनापि तव धनजघनमण्डले घोषयतु मन्मथनिदेशम्–गीत० १०, रघु० ७।१०, ८।५७, मेघ० ३५
4. जिह्वा–भामि० १।१११ ।
समस्त पद
~उपमा
उपमा अलंकार का एक भेद, यह उपमाओं की एक श्रृंखला है जिसमें पूर्व उपमेय, आगे चलकर उपमान बनता जाता है –दे० सा० द० ६६४ ।


रसना दे० रशमा ।
समस्त पद
~रदः
पक्षी,
~लिह्
(पुं०) कुत्ता ।


रसना [रस्+युच्]


जिह्वा ।
समस्त पद
~अग्रम्
जिह्वा का अग्रभाग,
~मूलम्
जिह्वा की जड़ ।

परिशिष्ट



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