संस्कृत-शब्दकोशः

लक्ष् लक्ष्मन्

लक्ष्मण

लक्ष्मण (वि०) [.लक्ष्मन् +अण्, न वृद्धि:]


1. चिह्नों से युक्त
2. शुभलक्षणों से युक्त, सौभाग्यशाली, अच्छी किस्मत वाला
3. समृद्धिशाली, फलता-फूलता
~ण:
1. सारस
2. सुमित्रा नामक पत्नी से उत्पन्न दशरथ का एक पुत्र (बचपन से ही लक्ष्मण राम में इतना अधिक अनुरक्त था कि वह उसकी वनयात्रा में जाने को तैयार हो गया । राम के चौदह वर्ष के निर्वासन काल में घटित घटनाओं में लक्ष्मण का बड़ा हाथ था । लङ्का के युद्ध में उसने कई बलवान् राक्षसों को, विशेष कर रावण के पुत्रों में अत्यंत शक्तिशाली मेघनाद को मार डाला । सबसे पहले तो स्वयं लक्ष्मण ही मेघनाद की शक्ति का शिकार हुआ, परन्तु हनुमान् द्वारा लाई गई संजीवन बूटी के उपयोग से सुषेण वैद्य ने उसे फिर जीवित कर दिया । एक दिन काल साधु के वेश में राम के पास आया और कहा कि
“जो कोई उनको 'एकान्त में वार्तालाप करते हुए कभी देख ले तो तुरन्त उसका परित्याग किया जाना चाहिए" यह बात मान ली गई । एक बार लक्ष्मण ने राम व सीता की एकान्तता में भंग डाल दिया, फलतः लक्ष्मण ने अपने भाई राम के बचन को 'स्वयं सरयू में छलांग लगा कर सत्य सिद्ध करके दिखा दिया (दे० रघु० १५।९२–५, उस का विवाह उर्मिला से हुआ, तथा अंगद और चन्द्रकेतु नामक दो पुत्र हुए),
~णा
हंसिनी,
~णम्
1: नाम अभिधान
2. चिह्न, संकेत, निशानी ।
समस्त पद
~प्रसूः
लक्ष्मण की माता सुमित्रा ।



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