लवण (वि०) [लू+ल्युट्, पृषो० णत्वम्]
1. क्षारीय, सलोना, नमकीन
2. प्रिय, मनोहर,
~ण:
1. खारी स्वाद
2. नमकीन पानी का समुद्र
3. एक राक्षस का नाम, मधुका पुत्र, यह शत्रुघ्न के द्वारा मारा गया था –रघु० १५।२, ५,१६, २६
4. एक नरक का नाम,
~णम्
1. नमक
2. समुद्री नमक, लूण
3. कृत्रिम नमक ।
समस्त पद
~अन्तकः
शत्रुघ्न का विशेषण,
~अब्धिः
खारी समुद्र,
°जम्
समुद्रीनमक,
~अम्बुराशिः
समुद्र, –आमाति वेला लवणाम्बुराशेः –रघु० १३।१५, विक्रम० १।१५,
~अम्भस्
(पुं०) समुद्र –रघु० १२।७०, १७।५४, (नपुं०) नमकीन पानी,
~आकरः
1. नमक की खान
2. नमकीन जलाशय अर्थात् समुद्र
3. (आलं०) लावण्य की खान
~आलयः
समुद्र,
~उत्तमम्
1. सेंधा नमक
2. यवक्षार,
~उदः
1. समुद्र
2. नमकीन पानी का समुद्र,
~उदकः, ~उदधिः, ~जल:
समुद्र,
~क्षारम्
एक प्रकार का नमक,
~मेहः
एक प्रकार का मूत्ररोग,
~समुद्रः
नमकीन समुद्र, सागर ।