संस्कृत-शब्दकोशः

लुप् लुब्ध

लुप्त

लुप्त (भू० क० कृ०) [लुप्+क्त]


1. टूटा हुआ, भग्न, क्षतिग्रस्त, नष्ट
2. खोया हुआ, वञ्चित –रघु० १४।५६
3. लूटा गया, ठगा गया
4. हटाया गया, लोप किया गया, ओझल या लोप हुआ (व्या० में)
5. भूल से रहा हुआ, उपेक्षित
6. व्यवहारातीत, अप्रयुक्त, अप्रचलित –उत्तर ३।३३, दे० लुप्
~प्तम्
चुराई हुई संपत्ति, लूट का माल ।
समस्त पद
~उपमा
खंडित या न्यून पद उपमा अर्थात् वह उपमा जिसमें उपमा के आवश्यक चारों अंगों में से एक, दो, अथवा तीन पद लुप्त हो गये हों –दे० काव्य० १० उपमा के अन्तर्गत,
~पद
(वि) न्यून पदों से युक्त,
~पिंडोदकक्रिया
(वि०) श्राद्धकर्म से विरहित,
~प्रतिज्ञ
(वि०) जिसने अपनी प्रतिज्ञा तोड़ दी है, श्रद्धाहीन, विश्वासघाती,
~प्रतिभ
(वि०) तर्कनाशक्ति से हीन ।



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