लुभ् (दिवा० पर० लुभ्यति, लुब्ध)
1. लालच करना, लालायित होना, उत्सुक होना (सम्प्र० या अधि० के साथ) –तथापि रामो लुलुभे मृगाय
2. रिझाना, फुसलाना
3. घबरा जाना, विस्मित होना, भटकना –प्रेर. (लोभयति–ते)
1. ललचाना, लालायित करना, उत्कंठित करना –पुप्लुवे बहु लोभयन् – भट्टि० ५।४८
2. वासना को उत्तेजित करना
3. फुसलाना, बहकाना, प्रलोभन देना, आकृष्ट करना –लोभ्यमाननयनः श्लथांशुकैर्मेखलागुणपदैर्नितम्बिभिः – रघु० १९।२६
4. अस्तव्यस्त करना, अव्यवस्थित करना, व्याकुल करना,
प्र–
ललचना या इच्छुक होना (प्रेर०) रिझाना, आकृष्ट करना, फुसलाना,
वि–
अव्यवस्थित या अस्तव्यस्त होना –भट्टि० ९।४०, (प्रेर०) रिझाना फुसलाना, आकृष्ट करना –स्मर यावन्न विलोभ्यसे दिवि –कु० ४।२०, अङ्गनास्तमधिकं व्यलोभयन् (मुखैः) –रघु० १९।१०
2. बहलाना, मनोरंजन करना, रिझाना –क्व दृष्टिं विलोभयामि –श०६ ।