संस्कृत-शब्दकोशः

वच वचनीय

वचन

वचनम् [वच् + ल्युट्]


1. वोलने, उच्चारण करने या कहने की क्रिया
2. भाषण, उद्गार, उक्ति, वाक्य –ननु वक्तृविशेषनिःस्पृहा गुणगृह्या वचने विपश्चितः – कु० २।५, प्रीतः प्रीतिप्रमुखवचनं स्वागतं व्याजहार –मेघ० ४
3. दोहराना, पाठ करना
4. मूल, वाक्य विन्यास, नियम, विधि, धार्मिक ग्रन्थ का सन्दर्भ –शास्त्रवचनं, श्रुतिवचनं, स्मृतिवचनम् आदि
5. आदेश, हुक्म, निदेश, 'मद्वचनात्' मेरे नाम से अर्थात् मेरे आदेश से
6. उपदेश, परामर्श, अनुदेश
7. घोषणा, प्रकथन
8. (व्या० में) (वर्ण का) उच्चारण
9. शब्द की यथार्थता –अथ पयोधर शब्द: मेघवचनः
10. (व्या० में) वचन, (एकवचन, द्विवचन और बहुवचन इस प्रकार वचन तीन होते हैं)
11. सूखा अदरक ।
समस्त पद
~उपक्रमः
प्रस्तावना, आमुख,
~कर
(वि०) आज्ञाकारी, आदेश का पालन करने वाला,
~कारिन्
(वि०) आज्ञा पालन करने वाला, आज्ञाकारी,
~क्रमः
प्रवचन,
~ग्राहिन्
(वि०) आज्ञाकारी, अनुवर्ती, विनीत,
~पटु
(वि०) बोलने में चतुर,
~विरोधः
विधियों की असङ्गति, विरोध, पाठ की अननुरूपता,
~शतम्
सौ भाषण, अर्थात् बार वार घोषणा, पुनरुक्त उक्ति,
~स्थित
(वि०) ('वचने स्थितः' भी) आज्ञाकारी, अनुवर्ती ।


वचनम् [वच्+ल्युट्]


1. बोलने की क्रिया
2. वक्तृता
3. पाठ करना
4. उपदेश, धार्मिक पुस्तक का अंश
5. आज्ञा, आदेश
6. परामर्श, अनुदेश ।
समस्त पद
~अवक्षेपः
अपशब्दों से यक्त वात,
~उपन्यासः
सुझावात्मक वक्तृता,
~क्रिया
आज्ञाकारिता,
~गोचर
(वि०) बात चीत का विषय बनाने वाला,
~गौरवम्
शब्दों का आदर करना – पितर्वचनगौरवात्, रा० १, –व्यक्तिः किसी उक्ति की यथार्थ सार्थकता ।

परिशिष्ट



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