वरुणः [वृ+उनन्]
1. आदित्य का नाम (बहुधा ‘मित्र’ के साथ युक्त होकर)
2. परवर्ती पौराणिकता अनुसार) समुद्र की अधिष्ठात्री देवता, पश्चिम का देवता (हाथ में पाश लिए हुए) – यासां रांजा वरुणो याति मध्ये सत्यानृते अव पश्यञ्जनानाम्, वरुणो यादसामहम–भग०१०।२९, प्रतीचीं वरुणः पति–महा० अतिसक्तिमेत्य वरुणस्य दिशा भृशमन्व रज्यदतुषारकरः –शि० ९।७
3. समुद्र
4. अन्तरिक्ष ।
समस्त पद
~अंगरुहः
अगस्त्य का विशेषण,
~अत्मजा
मदिरा (समुद्र से निकलने के कारण इसका य पड़ा),
~आलयः, ~आवासः
समुद्र,
~पाशः
घडियाल
~लोक:
1. वरुण का संसार
2. जल
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