वर्तन (वि०) [वृत्+ ल्युट्]
1. टिकाऊ, रहने वाला, ठहरने वाला, विद्यमान
2. स्थिर,
~नः
ठिंगना, बौना
~नी
1. मार्ग, सड़क
2. जीना, जीवन के चूर्ण वनाना
4. तकुआ,
~नम्
1. जीना, विद्यमान रहना
2. ठहरना, डटे रहना, निवास करना
3.कर्म, गति, जीने का ढंग या तरीक़ा, स्मरसि च तदुपान्तेष्वावयोर्वर्तनानि–उत्तर० १।२६, (यहाँ शब्द का अर्थ 'आवास या निवास' भी है),
4. जीवित रहना, जीवनयापन करना (समास के अन्त में)
5. आजीविका,: जीवन निर्वाह, वृत्ति
6. जीवन निर्वाह का साधन, वृत्ति, व्यवसाय
7. चालचलन, व्यवहार, आचरण
8. मजदूरी, वेतन, भाड़ा
9. व्यापार, लेनदेन
10. तकवा
11. गोलक, गेंद ।
वर्तनम् [वृत्+ल्युट्]
1. होना, रहना
2. ठहरना, बसना
3. कर्म, गति
4. जीविका
5. जीवित रहने का साधन
6. आचरण, व्यवहार
7. मजदूरी, वेतन
8. तकवा
9. जिससे रंगा जाय – निहितमलक्तवर्तनाभिताभ्रम् –कि० १०।४२
10. बार बार दोहराया गया शब्द
11. काढ़ा बनाना ।
समस्त पद
~विनियोगः
मजदूरी बाँटना ।
परिशिष्ट