वर्य (वि०) [वृ+यत्]
1. चुने जाने या छांटे जाने के योग्य पात्र2. सर्वोत्तम, सर्वश्रेष्ठ, मुख्य, प्रधान (बहुधा समास के अन्त में) अन्वीतः स कतिपयैः किरातवर्यैः कि०१२।५४, ~र्यः कामदेव ~र्या1. वह कन्या जो स्वयं अपना पति.वरण करे2. कन्या ।