वसंतः [वस्+झच्]
1. वसंत ऋतु, बहार का मौसम (चंत्र और वैशाख यह दो मास वसंत ऋतु के होते है) मधुमाधवौ वसंतः– – सूश्रु०, सर्वं प्रिये चारुतरं वसन्ते–ऋतु० ६।२, विहरति हरिरिह सरसबसंते गीत० १
2. मूर्त या मानवीकृत वसंत जो कामदेव का साथी माना जाता है–सुहृदः पश्य वसंत कि स्थितम् –कु० ४।२७
3. पेचिस
4. चेचक, शीतला ।
समस्त पद
~उत्सवः
वसन्तोत्सव, वसन्त ऋतु की रंगरेलियां (यह आनंदमगल पहले चैत्र की पूर्णिमा को होली–उत्सव के अवसर पर मनाये जात है),
~कालः
बसन्त की लहर, बसन्त ऋतु,
~घोषिन्
(पुं०) कोयल,
~जा
1. वासन्ती या माधवी लता
2. बासन्ती चहल-पहल, दे० वसन्तोत्सव,
~तिलकः, –कम्
वसन्त ऋतु का अलंकार–फुल्लं वसन्ततिलकं तिलकं वनाल्याः –छंद० ५,
(–कः, –का, –कम्)
एक छंद का नाम, दे० परिशिष्ट १,
~दूतः
1. कोयल
2. चैत्र का महीना
3. हिंदोल राग
4. आम का वृक्ष,
~दूती
शृंगवल्ली का फूल,
~द्रुः, ~द्रुमः
आम का वृक्ष,
~पंचमी
माघ शुक्ला पंचमी,
~बंधुः, ~सखः
कामदेव के विशेषण ।