विचित्र (वि०) [विशेषेण चित्रम्, प्रा० स०]
1. रंग बिरंगा, चितकबरा, चित्तीदार, धब्वेदार
2. नानाविध, बहुविध
3. रंगलिप्त
4. सुन्दर, मनोहर–क्वचिद्विचित्रं जलयंत्रमंदिरम्–ऋतु० १।२
5. आश्चर्ययुक्त, अचंभे वाला, अजीब–हतविधिलसितानां ही विचित्रो विपाकः –शि ११।६४,
~त्रम्
1. बहुरङ्गी रङ्ग
2. आश्चर्य ।
समस्त पद
~अंग
(वि०) जितकबरे शरीर वाला,
(–गः)
1. मोर
2. व्याघ्र,
~देह
(वि०) मनोहर शरीर वाला
(–हः)
बादल,
~रूप
(वि०) विविध प्रकार का,
~वीर्यः
एक चन्द्रवंशी राजा का नाम, (यह सत्यवती नामक पत्नी से उत्पन्न राजा शन्तनु का एक पुत्र तथा भीष्म का सौतेला भाई था । जब निस्सन्तानावस्था में इसकी मृत्यु हो गई तो इसकी माता सत्यवती ने अपने पुत्र (विवाह होने से पहले ही उत्पन्न) व्यास को बुलाया और नियोग की विधि से विचित्रवीर्य के नाम पर सन्तानोत्पादन के लिए प्रार्थना की । व्यास ने माता की आज्ञा का पालन किया और फलतः अम्बिका तथा अम्बालिका (उसके भाई की विधवा पत्नियाँ) में क्रमश: धृतराष्ट्र और पांडु का जन्म हुआ) ।