विजयः [वि+जि+घञ्]
1. जीतना, हराना, परास्त करना
2. जीत, फतह, जय यात्रा–कि० १०।३५, रघु० १२।४४, कु०.३।१९, श० २।१४
3. देवताओं का रथ, दिव्य रथ
4. अर्जुन का नाम–महा० नाम की व्याख्या करता है–अभिप्रयामि संग्रामे यदहं यद्धदुर्मदान्, नाजित्वा विनिवर्तामि तेन मां विजयं विदुः
5. यम का विशेषण
6. बृहस्पति की दशा का प्रथम वर्ष
7. विष्णु के सेवक का नाम ।
समस्त पद
~अभ्युपायः
विजय का साधन या उपाय,
~कुंजरः
लड़ाई का हाथी,
~छन्दः
पाँचसौ लड़ी का हार,
~डिंडिमः
सेना का विशाल ढोल,
~नगरम्
एक नगर का नाम,
~मर्दलः
एक विशाल सैनिक ढोल,
~सिद्धिः
(स्त्री) सफलता, जीत. फतह
विजयः [विजि+अच्]
1. जीत, फ़तह
2. एक विशिष्ट मुहूर्त
3. तीसरा महीना
4. एक प्रकार का सैन्यव्यूह ।
समस्त पद
~ऊर्जित
(वि०) जीत (फ़तह) से प्रोत्साहित,
~दण्डः
सेना की एक विशेष टुकड़ी ।
परिशिष्ट