विनिगमना [वि+नि+गम्+युच्+टाप्]
संकल्प, निश्चित उपसंहार, कुछ स्वीकार करके शेष को निकाल देना –मै० सं० १०।५।५९ पर शा० भा०।
परिशिष्ट