विनिग्रहः [वि+नि+ग्रह् +अप्]
1. नियंत्रण करना, दमन करना, वश में करना–भग० १३।७, १७।१६, मनु० ९।२६३2. पारस्परिक विरोध या अर्थान्तर न्यास ।