विप्रः [वप्+रन् पृषो० अत इत्वम्]
1. ब्राह्मण, उद्धरण, दे० 'ब्राह्मण' के अन्तर्गत
2. मुनि, बुद्धिमान् पुरुष
3. पीपल का पेड़ ।
समस्त पद
~ऋषिः
= ब्रह्मर्षि दे०,
~काष्ठम्
रूई का पौधा,
~प्रियः
पलाश का वृक्ष, ढाक,
~समागम्
ब्राह्मणों का जमाव या धर्मपरिषद्,
~स्वम्
ब्राह्मणों की संपत्ति ।
विप्रः [वप्+रन्, अत इत्वम्]
भाद्रपद का महीना ।
समस्त पद
~ब्राह्मण
माता पिता की जारज सन्तान ॥
परिशिष्ट