विप्रुष् (स्त्री०) [वि+पृष्+क्विप्]
1. (पानी या किसी अन्य द्रव की) बंद संतापं नवजलविप्रषो गहीत्वा –शि० ८।४०, स्वेदविप्रुषः – २।१८2. चिह्न, बिन्दु, धब्बा ।
विप्रुष् (स्त्री०) बोलते समय मुंह से निकले थूक के कण ।
परिशिष्ट