संस्कृत-शब्दकोशः

विराजित विराट

विराज्

विराज् (पुं०) [वि+राज्+क्विप्]


1. सौन्दर्य, आभा
2. क्षत्रिय जाति का पुरुष
3. ब्रह्मा की प्रथम सन्तान, तु० मनु० १।३२, तस्मात् विराडजायत – ऋग् १०।९०।५, (यहाँ 'विराज्' को पुरुष से उत्पन्न बतलाया गया है)
4. शरीर, स्त्री० एक वैदिक वृत्त या छन्द का नाम ।


विराज् [विराज्+क्विप्]


ब्रह्माण्ड, विश्व ।
समस्त पद
~सुत:
(विराट्सुतः) स्वर्गीय पितरों की एक श्रेणी ।

परिशिष्ट


विराज् पक्षियों का राजा, बाज़ पक्षी ।

परिशिष्ट



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