विसर्पः [वि+सृप्+घञ्]
1. रेंगना, सरकना2. इधर से उधर आना और जाना3. फैलाव, संचार –उत्तर० १।३५4. किसी कर्म का अप्रत्याशित या अनपेक्षित फल5. एक प्रकार का रोग, सूखी खुजली । समः ~घ्नम् मोम ।