विस्तरः [वि+स्तृ+अप्]
1. विस्तार, फैलाव
2. सूक्ष्म विवरण, व्यौरेवार वर्णन, सूक्ष्म ब्यौरे –संक्षिप्तस्याप्यतोऽस्यैव वाक्यस्यार्थगरीयसः, सुविस्तरतरा वाचो भाष्यभूता भवंतु मे –शि० २।२४ (‘विस्तरेण, विस्तरतः, विस्तरशः’ ब्यौरेवार, विस्तारपूर्वक, पूरी तरह से, सूक्ष्म विवरण सहित, पूरी विशेषताओं के साथ, –अंगुलिमुद्राधिगमं विस्तरेण श्रोतुमिच्छामि –मुद्रा० १, भग० १०।१८)
3. सुविस्तरना, प्रसार– अलं विस्तरेण
4. बहुतायत, परिमाण, समुच्चय, संख्या
5. बिस्तरा, तह, स्तर
6. आसन, तिपाई ।