विस्तारः [वि+स्तृ+घञ्]
1. फैलाव, विस्तृति, प्रसारण –प्रांतविस्तारभाजाम् –मा० १।२७
2. आयाम, चौड़ाई –विलोकयंत्यो वपुरापुरक्ष्णां प्रकामविस्तारफलं हरिण्यः –रघु० २।११, भग० १३।३०
3. फैलाव, विपुलता, विशालता –मध्यः श्यामः स्तन इव भुवः शेषविस्तारपांडुः –मेघ० १८
4. विवरण, पूरा ब्यौरा –कण्वोऽपि तावच्छुतविस्तारः क्रियताम् –श० ७
5. वृत्त का व्यास
6. झाड़ी
7. नूतन पल्लवों से युक्त पेड़ की शाखा ।