संस्कृत-शब्दकोशः

व्याहृत व्युच्छित्ति

व्याहृति

व्याहृतिः (स्त्री० [वि +आ+हृ+क्तिन्]


1. उच्चारण, भाषण, वचन –न हीश्वरव्याहृतयः कदाचित्पुष्णन्ति लोके विपरीतमर्थम् –कु० ३।६०
2. वक्तव्य, अभिव्यक्ति –भूतार्थव्याहृतिः सा हि न स्तुति परमेष्ठिन: –रघु० १०।३३
3. सन्ध्या करते समय प्रतिदिन प्रत्येक ब्राह्मण द्वारा उच्चारित ईश्वर परक शब्द विशेष (यह व्याहृतियाँ तीन हैं= भूर्, भुवस्, तथा स्वर् जिनका 'ओ३म्' के पश्चात् उच्चारण किया जाता है, कुछ अन्य विद्वानों के मतानुसार व्याहृतियाँ गिनती में सात हैं) ।



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