व्युत्थानम् (स्त्री) [वि+उ+स्था+ल्युट्]
1. महान् क्रियाकलाप2. किसी के विरुद्ध खड़े होना, विरोध, रुकावट3. स्वतन्त्र कर्म, मनोऽनुकूल कार्य4. (योग० में) धार्मिक मनोयोग की पूर्ति या भावात्मक मनन5. एक प्रकार का नृत्य6. (हाथी को) उठाना –शि० १८।२६ ।