व्रातः [वृ+अतच्, पृषो० साधुः]
समुदाय, रेवड़, समुच्चय –श्वपाकानां व्रातैः –गंगा० २९, रघु० १२।९४, शि० ४।३५, ~तम्1. शारीरिक श्रम, मजदूरी2. दैनिक मजदूरी3. यदा-कदा कार्य में नियुक्ति ।