संस्कृत-शब्दकोशः

व्राजि व्रातीन

व्रात

व्रातः [वृ+अतच्, पृषो० साधुः]


समुदाय, रेवड़, समुच्चय –श्वपाकानां व्रातैः –गंगा० २९, रघु० १२।९४, शि० ४।३५,
~तम्
1. शारीरिक श्रम, मजदूरी
2. दैनिक मजदूरी
3. यदा-कदा कार्य में नियुक्ति ।



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