संस्कृत-शब्दकोशः

व्रातीन व्रात्यकाण्ड

व्रात्य

व्रात्यः [व्रातात् समूहात् च्यवत्ति –यत्]


1. प्रथम तीन वर्णों में से किसी एक वर्ण का पुरुष जो मुख्य संस्कार या शोधक कृत्यों का अनुष्ठान न करने के कारण पतित हो गया है (जिसका उपनयन संस्कार नहीं हुआ); जातिबहिष्कृत –भवत्या हि व्रात्याघमपतितपाखण्ड परिषत्परित्राणस्नेहः –गंगा० ३७
2. नीच पुरुष, अधम पुरुष
3. विशेष नीच जाति (शूद्र पिता और क्षत्रिय माता की सन्तान) का पुरुष ।
समस्त पद
~ब्रुव
जो अपने आपको 'व्रात्य' कहता है,
~स्तोमः
उपयुक्त संस्कारों का अनुष्ठान न करने के कारण छीने गये अधिकारों को फिर से प्राप्त करने के लिए किया गया यज्ञ ।



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