शक्तिः (स्त्री०) [शक्+क्तिन्]
1. बल, योग्यता, धारिता, सामर्थ्य, ऊर्जा, पराक्रम –दैवं निहत्य कुरु पौरुषमात्मशक्त्या –पंच० १।३६१, ज्ञाने मौनं क्षमा शक्तौ –रघु० १।२२, इसी प्रकार यथाशक्ति, स्वशक्ति आदि, राज्यशक्ति (इस के तीन तत्त्व हैं
1. प्रभुशक्ति या प्रभावशक्ति 'राजा की अपनी प्रमुख पदवी’
2. मन्त्रशक्ति 'सत्परामर्श की शक्ति' तथा
5. उत्साह शक्ति 'प्रेरकशक्ति') –राज्यं नाम शक्तित्रयायत्तम् –दश०, त्रिसाधना शक्तिरिवार्थसञ्चयम् –रघु० ३।१३, ६।३३, १७।६३, शि० २।२६ ८. रचनाशक्ति, काव्य शक्ति या प्रतिभा –शक्तिर्निपुणता लोकशास्त्रकाव्याद्यवेक्षणात् –काव्य० १, दे० तत्स्थानीय व्याख्या
3. देव की सक्रिय शक्ति, यह शक्ति देवपत्नी मानी जाती है, देवी, दिव्यता (इनकी गिनती विविध प्रकार से की जाती हैं कहीं आठ, कहीं नौ और कहीं पचास तक) –स जयति परिणद्धः शक्तिभिः शक्तिनाथ: –मा० ५।१, श० ७।३५
4. एक प्रकार का अस्त्र –शक्तिखण्डामर्षितेन गाण्डीविनोक्तम् –वेणी० ३, ततो विभेद पौलस्त्यः शक्त्या वक्षसि लक्ष्मणम् –रघु० १२।७७
5. बर्छी, नेज़ा, शूल, भाला
6. (न्या० में) किसी पदार्थ का उसके बोधक शब्द से सम्बन्ध
7. कारण की अन्तर्हित शक्ति जिससे कार्य की उत्पत्ति होती है
8. (काव्य० में) शब्दशक्ति या को अर्थशक्ति (यह संख्या में तीन है अभिधा, लक्षणा, व्यञ्जना) सा० द० ११
9. अभिधाशक्ति, शब्दसङ्केत (विप० लक्षणा और व्यञ्जना),
10. स्त्री की जननेन्द्रिय, भग, शाक्तसंप्रदाय के अनुयाइयों द्वारा पूजित शिवलिङ्ग की मूर्ति ।
समस्त पद
~अर्धः
उद्योग तथा श्रम के फलस्वरूप हांपना तथा शरीर का पसीने से तर होना,
~अपेक्ष, ~अपेक्षिन्
(वि०) सामर्थ्य का ध्यान रखने वाला,
~कुण्ठनम्
शक्ति को कुण्ठित करना,
~ग्रह
(वि०)
1. बल या अर्थ को धारण करने वाला
2. बर्छीधारी,
(–हः)
बल या अर्थ का बोध अथवा शब्दशक्ति का ज्ञान
3. बर्छीधारी, भालाधारी
4. शिव का विशेषण
5. कार्तिकेय का विशेषण,
~ग्राहक
(वि०) शब्द के अर्थ की स्थापना या निर्धारण करने वाला,
(–कः)
कार्तिकेय का विशेषण,
~त्रयम्
राज्यशक्ति के संघटक तीन तत्त्व –दे० शक्ति (2) ऊपर,
~धर
(वि०) मज़बूत, शक्तिशाली,
(–रः)
1. बर्छीधारी
2. कार्तिकेय का विशेषण,
~पाणिः, ~भृत्
(पु०)
1. बर्छीधारी
2. कार्तिकेय का विशेषण,
~पातः
शक्ति क्षय, पराजय,
~पूजकः
शाक्त,
~पूजा
शक्ति की पूजा,
~वैकल्यम्
शक्तिक्षय, दुर्बलता, अक्षमता,
~हीन
(वि०) शक्तिहीन, निर्बल, बलरहित, नपुंसक,
~हेतिकः
भाला धारी, बर्छीधारी ।