शय्या [शी आधारे क्यप्+टाप्]
1. बिस्तरा, बिछौना –शय्या भूमितलम–शान्ति० ४।९, मही रम्या शय्या –भर्तृ० ३।७९, रघु० ५।६६
2. बाँधना, नत्थी करना ।
समस्त पद
~अध्यक्षः, ~पालः
राजा के शयनकक्ष का अधीक्षक,
~उत्सङ्गः
पलंग का एक पार्श्व
~गत
(वि०)
1. पलंग पर लेटा हुआ
2. रोगी,
~गृहम्
शयन-कक्ष, रघु० १६।४ ।