संस्कृत-शब्दकोशः

शलल शलाटु

शलाका

शलाका [शल+आकः, टाप्]


1. छोटी छड़ी, खूँटी, डण्डा, कील, टुकड़ा, पतला सीखचा–अयस्कान्तमणिशलाका– मा० १
2. पेन्सिल (आँख में सुर्मा आंजने की) सलाई–
“अज्ञानान्धस्य लोकस्य ज्ञानाञ्जनशलाकया ।
चक्षुरुन्मीलितं येन तस्मै पाणिनये नमः ॥”
शिक्षा० ५८, कु० १।४७, रघु० ७।८
3. बाण
4. साँग, नेजा
5. एक नोकदार शल्योपकरण (घाव की गहराई नापने के लिए)
6. छतरी की तीली ७. (हाथ पैर की अंगुलियों की जड़ की) हड्डी–याज्ञ० ३।८५
8. अंकुर, फुनगी, कोंपल–कु० १।२४
9. रंग भरने की कूची
10. दाँत साफ करने की कूची, दाँत-कुरेदनी
11. साही
12. हाथी दाँत या हड्डी का बना जूआ खेलने का आयताकार (पासा) टुकड़ा ।
समस्त पद
~धूर्तः
(‘शलाकाधूर्तः’) उचक्का, ठग,
~परि
(अव्य०) जूए में मनहूस पासा पड़ना, तु० परि, अक्षपरि ।


शलाका [शल्+आकः]


1. खूटी, कील
2. अंगुली–शलाकानखपातैश्च –महा० ४।१३।२९।
समस्त पद
~परीक्षा
विद्यार्थी की परीक्षा लेने की रीति जिसके अनुसार पुस्तक में कहीं भी सलाका से संकेत किया जा सकता है,
~पुरुषाः
६३ दिव्य जैन,
~यन्त्रम्
शल्य चिकित्सा से संबद्ध एक उपकरण,
~कर्तृ
(पुं०) जर्राह, शल्यचिकित्सक,
~क्रिया
शरीर में घुसे हुए कांटे आदि किसी पदार्थ को वाहर निकालना,
~पर्वन्
महाभारतका नवाँ खण्ड (पर्व) ।

परिशिष्ट



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