शसनम् [शस्+ल्युट्]
1. घायल करना, मार डालना2. बलि, मेध, (यज्ञ में पशु का) ।
शंसनम् [शंस्+ल्युट्]
1. प्रशंसा करना2. कहना, वर्णन करना3. पाठ करना ।