शिखा [शि+खक् तस्य नेत्वम्, पृषो०]
1. सिर की चोटी पर बालों का गुच्छा –मुद्रा० ३।३०, शि० ४।५०, मा० १०।६
2. चोटी, शिखाग्रन्थि
3. चूड़ा, कलगी
4. चोटी, शिखर, शीर्षबिन्दु –कि० ६।१७
5. तेज़ सिरा, धार, नोक या सिरा–श० १।४, भामि० १।२
6. वस्त्र का छोर, श० १।१४
7. अग्नि ज्वाला –प्रभामहत्या शिखयेव दीपः –कु० १।२८, रघु० १७।३४
8. प्रकाश की किरण –कु० २।३८ १. मोर की कलगी
10 जटायुक्त जड़
11. शाखा (विशेष रूप से जड़ पकड़ती हुई)
12. प्रधान या मुखिया
13. कामज्वर ।
समस्त पद
~तरुः
दीपाधार, दीवट,
~धरः
मोर,
°जम्
मोर का पंख,
~धारः
मोर,
~मणिः
चूड़ामणि,
~मूलम्
1. गाजर
2. मूली,
~वरः
कटहल का पेड़,
~वल
(वि०) नुकीला कलगीदार,
(–लः)
मोर,
~वृक्षः
दीपाधार, दीवट,
~वृद्धिः
(स्त्री०) प्रतिदिन बढ़ने वाला ब्याज ।