शुष् (दिवा० पर० शुष्यति, शुष्क)
1. सूखना, शुष्क होना, खुश्क होना–तृषा शुष्यत्यास्ये पिबति सलिलं स्वादु सुरभि –भर्तृ० ३।९२
2. मुर्झा जाना, प्रेर० (शोषयति-ते)
1. सुखाना, मुर्झाना, खुश्क होना
2. कृश करना,
उद्–, परि–
1. सुखाया जाना, सुखाना –भट्टि० १०।४१, भग० १।२९
2. म्लान होना, कुम्हलाना, मुर्झाना,
वि–, सम्–
सुखाया जाना ।