शूक (पुं०/नपुं०) [श्वि+कक्, संप्रसारणम्]
1. जौ की बाल, दाढ़ी
2. पौधों के कड़े रोएँ, वृतं च खलु शूकैः–भामि० १।२४
3. नोक, सिरा, तेज़ किनारा
4. सुकोमलता, करुणा
5. एक प्रकार का विषैला कीड़ा ।
समस्त पद
~कीटः, ~कीटकः
एक प्रकार का कीड़ा जिसके शरीर पर रोएँ खड़े हों,
~धान्यम्
कोई भी ऐसा अन्न जो बालों टूंडो में से निकलता है (जौ आदि),
~पिण्डिः, ~डी, ~शिम्बा, ~शिम्बिका, ~शिम्बि
केवाँच कपिकच्छु ।
शूकः [शिव+कक्, संप्रसारणम्]
1. प्रकिण्व, सुरामण्ड
2. खमीर ।
परिशिष्ट