संस्कृत-शब्दकोशः

शैब्य शैलक

शैल

शैलः [शिला+अण्]


1. पर्वत, पहाड़–शैले शैले न माणिक्यं मौक्तिक्यं न गजे गजे– चाण० ५५, शैलौ मलयदर्दुरौ–रघु० ४।५१
2. चट्टान, बड़ा भारी पत्थर,
~लम्
1. सुहागा, धूप, गुग्गुल
2. शिलाजीत
3. एक प्रकार का अंजन ।
समस्त पद
~अंशः
एक देश का नाम,
~अग्रम्
पहाड़ की चोटी,
~अट:
1. पहाड़ी, असभ्य
2. किसी देवमूर्तिका पुजारी
3. सिंह
4. स्फटिक,
~अधिपः, ~अधिराजः, ~इन्द्रः, ~पतिः, ~राजः
हिमालय पर्वत के विशेषण,
~आख्यम्
शैलेयगन्धद्रव्य, धूप,
~कटकः
पहाड़ की ढलान,
~गन्धम्
एक प्रकार का चन्दन,
~जम्
1. शैलेयगन्धद्रव्य, धूप
2. शिलाजीत,
~जा, ~तनया, ~पुत्री, ~सुता
पार्वती के विशेषण –अवाप्तः प्रागल्भ्यं परिणतरुचः शैलतनये– काव्य० १०, कु० ३।६८,
~धन्वन्
(पुं०) शिवका विशेषण,
~धरः
कृष्ण का विशेषण,
~निर्यासः
शैलेयगन्धद्रव्य, धूप,
~पत्र:
बेल का पेड़,
~भित्तिः
(स्त्री०) पत्थर काटने का उपकरण, टांकी,
~रन्ध्रम्
गुफा, कन्दरा,
~शिविरम्
समुद्र,
~सार
(वि०) पत्थर की तरह सबल, चट्टान की तरह दृढ–कि० १०।१४ ।



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