शोली
शोषण
शोष
शोषः [शुष्+घञ्]
1. सूखना, सूखापन– ह्रदशोषविक्लवाम्–कु० ४।३९, इसी प्रकार आस्यशोषः, कंठशोषः
2, कृशता, कुम्हलान–शरीरशोषः, कुसुमशोष आदि
3. फुष्फुसीय क्षय, या क्षयरोग –संशोषणाद् रसादीनां शोष इत्यभिधीयते–सुश्रु० ।
समस्त पद
~संभवम्
पिप्पलामूल ।