संस्कृत-शब्दकोशः

वरूथिन् वरोट

वरेण्य

वरेण्य a. [वृ-एन्य]
1 To be wished for, desirable, eligible; अने- न चेदिच्छसि गृह्यमाणं पाणिं वरेण्येन R. 6. 24.
2 (Hence) Best, most excellent, pre-eminent, most worthy or distinguished, chief; वेधा विधाय पुनरुक्तमिवेंदुबिंबं दुरीकरोति न कथं विदूषां वरेण्यः Bv. 2. 158; तत्सवितुर्वरेण्यं भर्गो देवस्य धीमही Rv. 3. 62. 10; R 6. 84, Bk. 1. 4; Ku. 7. 90.
−ण्यं Saffron.



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