वप्तृ (पुं०) [वप्+तृच् )1. (बीज का). बोने वाला, पौधा लगाने बाला, किसान –न शाले: स्तम्बकरिता वस्तुर्गुणमपेक्षते– मुद्रा० १।३, मनु० ३।१४२2. पिता, प्रजापति3. कवि, अन्तःस्फूर्त या प्रणोदित ऋषि ।