संस्कृत-शब्दकोशः

विकर्षण विकला

विकल

विकल (वि०) [विगतः कलो यत्र प्रा० ब०]


1. किसी भाग या अंग से वञ्चित, सदोष, अधूरा, अपाहज, विकलांग–कूटकृद्विकलेन्द्रिया:–याज्ञ० २।७०, मनु० ८।६६, उत्तर० ४।२४
2. डरा हुआ, त्रस्त
3. शून्य, विरहित–आरामाधिपतिविवेकविकला: –भामि० १।३१, मृच्छ० ५।४१
4. विक्षुब्ध, कमज़ोर, उत्साह शून्य, हतोत्साह, म्लान, अवसन्न, स्फूर्तिहीन–किमिति विषीदसि रोदिषि विकला विहसति युवतिसभा तव सकला–गीत० ९, विरहेण विकलहृदया–भामि० २।७१, १६४, श्रुतियुगले पिकरुतविकले–गीत० १२, उत्तर ३।३१, मा० ७।१, ९।१२
5. मुर्झाया हुआ, क्षीण ।
समस्त पद
~अंग
(वि०) अधिक या कम अंगों वाला,
~इन्द्रिय
(वि०) जिसकी ज्ञानेन्द्रियाँ दूषित या विकृत हैं,
~पाणिकः
लूला-लंगड़ा ।



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