शङ्ख (पुं०, नपुं०) [शम्+ख]
1. शंख, घोंघा –न श्वेतभावमुज्झति शङ्खः शिखिभक्तमुक्तोऽपि –पंच० ४।११०, शङ्खान् दध्मुः पृथक् पृथक् –भग० १।१८,
2. मस्तक की हड्डी, कु० ७।३३
3. कनपटी की हड्डी
4. हाथी के दोनों दाँतों के बीच का भाग
5. दस नील की संख्या
6. सैनिक ढोल या मारूबाजा
7. एक प्रकार का गन्धद्रव्य, नखी
8. कुबेर की नवानिधियों में से एक
9. एक राक्षस जिसको विष्णु ने मार डाला था
10. एक स्मृतिकार (‘लिखित’ के साथ संयुक्त नाम का उल्लेख) ।सम०
~उदकम्
शंख में डाला हुआ पानी,
~कारः, ~कारकः
शंखकार नाम की एक वर्णसंकर जाति,
~चरी, ~चर्ची
(मस्तक पर लगाया गया) चन्दन का तिलक
~चूर्णम्
शंख को पीस कर बनाया गया चूरा,
~द्रावः, ~द्रावकः
एक प्रकार का घोल जिसमें शंख भी घुल जाता है,
~ध्मः, ~ध्मा
(पुं०) शंख बजाने वाला,
~ध्वनिः
शंख की आवाज (कभी-कभी, परन्तु प्रायः आतंक या निराशा की द्योतक ध्वनि),
~प्रस्थः
चन्द्रमा का कलंक,
~भृत्
(पुं) विष्णु का विशेषण,
~मुखः
घड़ियाल, मगर,
~स्वनः
शंखध्वनि ।
शङ्खः [शम्+ख]
शंख का बना कंकण ।
समस्त पद
~आवर्तः
शंख का झुकाव या गोलाई का मोड़, शंबुकावर्त,
~वलयः
शंख से निर्मित कड़ा,
~वेला
शंखध्वनि के द्वारा संकेतित समय ।
परिशिष्ट