संस्कृत-शब्दकोशः

शाक्वर शाखाल

शाखा

शाखा [शाखति गगनं व्याप्नोति–शाख्+अच्+टाप् ।
1. (वृक्ष आदि की) डाली, शाख–आवर्ज्य शाखाः –रघु० १६।१९
2. भुजा
3. दल, अनुभाग, गुट
4. किसी कार्य का भाग या उपभाग
5. सम्प्रदाय, शाखा, पन्थ
6. परम्परा प्राप्त वेद का पाठ, किसी सम्प्रदाय द्वारा मान्यताप्राप्त परम्परागत पाठ यथा शाकल शाखा, आश्वलायन शाखा, बाष्कल शाखा आदि ।
समस्त पद
~चन्द्रन्यायः
दे० 'न्याय' के अन्तर्गत,
~नगरम्, ~पुरम्
नगराञ्चल, नगर परिसर,
~पित्तः
शरीर के हाथ, कन्धा आदि छोरों मे सूजन,
~भृत्
(पुं०) वृक्ष,
~भेदः
(वेद की) शाखाओं का अन्तर,
~मृगः
1. बन्दर, लंगूर
2. गिलहरी,
~रण्डः
अपनी शाखा के प्रति द्रोह करने वाला, वह ब्राह्मण जिसने अपनी वैदिक शाखा को बदल दिया है,
~रथ्या
गली, वीथिका ।


शाखा परम्परा प्राप्त वेद का पाठ, किसी विशेष शाखा द्वारा अनुसृत वेद पाठ जैसे शाकल शाखा, आश्वलायन शाखा, बाष्कल शाखा आदि ।
समस्त पद
~अध्येतृ
वेद की किसी विशेष शाखा के पाठ का पढ़ने वाला विद्यार्थी,
~वातः
वायु के कारण अंगों में पीड़ा ।

परिशिष्ट



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